बांग्लादेश पर विदेशी ऋण 78 अरब डॉलर के पार

बांग्लादेश पर विदेशी ऋण 78 अरब डॉलर के पार

बांग्लादेश पर विदेशी ऋण 78 अरब डॉलर के पार
बांग्‍लादेश पर विदेशी ऋण फरवरी 2026 में 78 अरब डॉलर को पार कर गया। ये जानकारी वहां के वित्‍त मंत्री अमीर खुसरो महमूद चौधरी ने संसद में दी। उन्‍होंने कहा कि पुनर्भुगतान के बढ़ते दायित्‍वों के बीच देश पर वित्‍तीय बोझ बढ़ रहा है। जातीय संसद में सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकार मूलधन और ब्‍याज भुगतान का वार्षिक अनुमान लगाते हुए बजटीय आवंटनों के जरिये विदेशी ऋणों पर ब्‍याज का भुगतान निरंतर कर रही है। परन्‍तु हाल के वर्षों में ऋण लेने की मात्रा और गति स्थिरता बनाए रखने को लेकर चिंता का विषय है।
 
संसद में प्रस्‍तुत आंकड़ों से पता चलता है कि बांग्‍लादेश ने वित्‍तीय वर्ष 2008-09 से वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के बीच 86 अरब डॉलर के विदेशी ऋण लिए, जबकि मूलधन और ब्‍याज को मिलाकर केवल 31 अरब डॉलर का पुनर्भुगतान किया जा सका है। इससे ऋण में तीव्र वृद्धि दर्ज हुई है। इसका मुख्‍य कारण ढांचागत खर्च और बाहरी खतरे हैं।
 
बांग्‍लादेश में वर्तमान ऋण और जीडीपी अनुपात लगभग 19 प्रतिशत है, जो नियंत्रण योग्य सीमा के भीतर समझा जाता है। लेकिन, अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि अंतर्निहित संकेतक कम आश्वस्त करने वाले हैं। ऋण पर ब्‍याज भुगतान का राजस्व अनुपात साढ़े 16 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की जोखिम सीमा के करीब है और यह कमजोर राजस्व जुटाने के कारण सरकारी वित्त पर दबाव को दर्शाता है।