केंद्र सरकार ने ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत पेपरलेस अदालतों के लिए 7,210 करोड़ रुपये आवंटित किए

केंद्र सरकार ने ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत पेपरलेस अदालतों के लिए 7,210 करोड़ रुपये आवंटित किए

केंद्र सरकार ने ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत पेपरलेस अदालतों के लिए 7,210 करोड़ रुपये आवंटित किए

केंद्रीय विधि‍ और न्‍याय राज्‍य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने भारत में न्‍यायलयों को कागज रहित बनाने के लिए ई-कोर्ट्स परियोजना के 7,210 करोड़ रूपय आवंटित किए हैं। अखिल भारतीय अधिवक्‍ता परिषद देवग‍िरी प्रांत और माणिकचंद पहाड़े विधि महाविद्यालय द्वारा आयोजित न्‍यायिक व्‍यवस्‍था में प्रौद्योगिकी विकास पर आधारित एक व्‍याख्यान में श्री मेघवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटे‍लिजेंस- एआई को खतरा नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि एआई नौकरियों में कटौती नहीं बल्कि लोगों द्वारा किए जाने वाले कार्य के प्रकार को परिवर्तित करेगा।

श्री मेघवाल ने कहा कि सरकार डिजिटल प्रौद्योगिकी के जरिए न्‍यायालयों को आधुनिक बनाना पहले ही शुरू कर चुकी है। ई-कोर्ट्स परियोजना के अंतर्गत न्‍यायालयों में कागजी काम धीरे-धीरे कम किए जाएंगे। उन्‍होंने बताया कि ई फाईलिंग प्रणाली पहले ही लाई जा चुकी है। जिला न्‍यायालयों और उच्‍च न्‍यायालयों में जारी कार्य को अब लोग अपने मोबाईल फोन पर केस का विवरण जांच कर सकेंगे। श्री मेघवाल ने कहा कि न्‍यायपालिका अब कागज रहित प्रणाली की ओर आगे बढ़ रही है। इससे नागरिकों के लिए न्‍यायालय अधिक सुगम बनेंगे।