छत्तीसगढ़ में लागू होगी नई औद्योगिक संबंध संहिता : पुराने श्रम कानून होंगे खत्म, विवादों का होगा डिजिटल निपटारा

छत्तीसगढ़ में लागू होगी नई औद्योगिक संबंध संहिता : पुराने श्रम कानून होंगे खत्म, विवादों का होगा डिजिटल निपटारा

छत्तीसगढ़ में लागू होगी नई औद्योगिक संबंध संहिता : पुराने श्रम कानून होंगे खत्म, विवादों का होगा डिजिटल निपटारा

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक शांति, श्रमिकों के हितों की रक्षा और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक संबंध (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 का नया प्रारूप जारी कर दिया है।

दरअसल राज्य सरकार का श्रम विभाग केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक संबंध संहिता के अनुपालन में यह बदलाव करने जा रहा है। इसके लिए नए नियमों का एक प्रारूप तैयार कर 30 दिनों में दावा आपत्ति मंगाई गई है। यह अवधि समाप्त होने और दावा-आपत्तियों का निराकरण होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इसके लागू होते ही राज्य के दशकों पुराने श्रम नियम इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे।

तीन पुराने नियमों की जगह लेगा नया प्रारूपछत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, नया नियम लागू होते ही 'छत्तीसगढ़ औद्योगिक विवाद नियम 1957', 'व्यावसायिक संघ विनियम 1961' और 'औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) नियम 1963' पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएंगे। इन पुराने और जटिल नियमों के स्थान पर अब एक एकल और एकीकृत कानूनी ढांचा काम करेगा, जिससे उद्योगों और श्रमिकों के बीच कानूनी प्रक्रियाओं में स्पष्टता आएगी।

विवादों के निपटारे के लिए शिकायत निवारण समिति
नए प्रारूप के तहत, जिन औद्योगिक संस्थानों में 20 या उससे अधिक कामगार कार्यरत हैं, वहां 'शिकायत निवारण समिति' का गठन करना अनिवार्य होगा। इसके तहत श्रमिक विवाद उत्पन्न होने के एक वर्ष के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। कार्य समितियों में महिला कामगारों की संख्या के अनुपात में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य किया गया है। कार्य समितियों में सदस्यों की अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की गई है।

30 दिनों में दावा-आपत्ति के बाद होगा लागू
भारत सरकार की औद्योगिक संबंध संहिता के अनुरूप, अब छत्तीसगढ़ में भी किसी भी औद्योगिक संस्थान में हड़ताल पर जाने से पहले कम से कम 14 दिन पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य अचानक होने वाली हड़तालों से उत्पादन में होने वाले नुकसान को रोकना और बातचीत के जरिए समाधान के अवसर प्रदान करना है।

डिजिटल होगा ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण
आधुनिकीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब ट्रेड यूनियनों (व्यावसायिक संघों) के पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन से लेकर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक की सुविधा डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, औद्योगिक विवादों से संबंधित समझौतों और अन्य विलेखों को भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकेगा।