भारत के कौशल और कोरिया की उच्च-विनिर्माण तकनीकी साझेदारी से युवाओं के लिए अवसर सृजित किए जा सकते हैं: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
भारत के कौशल और कोरिया की उच्च-विनिर्माण तकनीकी साझेदारी से युवाओं के लिए अवसर सृजित किए जा सकते हैं: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि भारत के कौशल और कोरिया की उच्च- विनिर्माण तकनीकी साझेदारी से दोनों देशों के युवाओं के लिए अनेक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। राष्ट्रपति भवन में कल कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और कोरिया को हरित और स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ अन्य जलवायु प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसरों का पता लगाना चाहिए।
आगे उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने जहाज निर्माण, बंदरगाहों के विकास, डिजिटल सहयोग, लघु एवं मध्यम उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और जन-संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लिए अहम योजना निर्धारित की।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर वार्ता फिर से शुरू करने के लिए एक संयुक्त घोषणा को अपनाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंधों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अर्धचालक, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, सेवाओं और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कोरिया के साथ सहयोग को मजबूत करेगा।
इस अवसर पर कोरियाई राष्ट्रपति के सम्मान में भोज का आयोजन भी किया गया। भोज के दौरान राष्ट्रपति ली ने कहा कि भारत के साथ मिलकर एक नए भविष्य की राह खोलने में कोरिया गणराज्य एक पारस्परिक रूप से लाभकारी भागीदार बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत, 2047’ के दृष्टिकोण के अंतर्गत भारत स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है।