डीएमएफ में 18 हजार करोड़ से ज्यादा के काम : गड़बड़ियों की थोक में शिकायतें भी,ऑडिट और वार्षिक रिपोर्ट का पता नहीं

डीएमएफ में 18 हजार करोड़ से ज्यादा के काम : गड़बड़ियों की थोक में शिकायतें भी,ऑडिट और वार्षिक रिपोर्ट का पता नहीं

डीएमएफ में 18 हजार करोड़ से ज्यादा के काम : गड़बड़ियों की थोक में शिकायतें भी,ऑडिट और वार्षिक रिपोर्ट का पता नहीं

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में अब तक जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से 18 हजार करोड़ से अधिक राशि के 1 लाख 13 हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट मंजूर हो चुके हैं। इनमें से आधे से ज्यादा प्रोजेक्ट पूरे भी हो चुके हैं, लेकिन डीएमएफ प्रोजेक्ट में गड़बड़ी और मनमानी की सबसे ज्यादा शिकायतें भी छत्तीसगढ़ में ही हैं।

इनमें से कुछ मामलों की ईडी-सीबीआई के स्तर पर भी जांच चल रही है।

डीएमएफ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने पारदर्शिता के सख्त निर्देश पिछले साल दिए थे, लेकिन जिले में बैठे अफसर इन निर्देशों को धता बता रहे हैं। राज्य के ज्यादातर जिलों ने न तो डीएमएफ की आडिट रिपोर्ट अपलोड की है और न ही वार्षिक रिपोर्ट। इससे गड़बड़ियां भी सामने नहीं आ पा रही हैं। छत्तीसगढ़ खनिज धारित राज्य है । खनिज धारित क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कुछ साल पहले डीएमएफ जिला खनिज न्यास) का गठन किया।

डीएमएफ फंड के तहत कराए गए
इस न्यास में हर साल करोड़ों रुपए की राशि जिलों को प्राप्त होती है। यह राशि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर खर्च की जाती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में डीएमएफ फंड के तहत कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आईं हैं। इनमें से कई शिकायतों की एजेंसियों द्वारा जांच भी की जा रही है। कई अधिकारियों और दूसरे लोगों को इन मामलों को जेल भी भेजा जा चुका है।

18 हजार करोड़ से ज्यादा के 1.13 लाख काम
राज्य में डीएमएफ के तहत अब तक 18234 करोड़ के 1,13,394 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 932 करोड़ के 3946 कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। 10688 करोड़ के 78247 कार्य पूरे हो चुके हैं। 4376 करोड़ के 20740 कार्य प्रगति पर हैं। 2 हजार 26 करोड़ के 9767 कार्य अलग-अलग कारणों से रद्द किए जा चुके हैं। जिला खनिज व्यास से राज्य के अलग-अलग जिलों से अब तक 14776.56 करोड़ की राशि संग्रहित की जा चुकी है।