बस्तर हेरिटेज मैराथन: 14 दिन बाद भी विजेताओं के खातों में नहीं पहुंची पुरस्कार राशि, खिलाड़ियों में नाराजगी

बस्तर हेरिटेज मैराथन: 14 दिन बाद भी विजेताओं के खातों में नहीं पहुंची पुरस्कार राशि, खिलाड़ियों में नाराजगी

बस्तर हेरिटेज मैराथन: 14 दिन बाद भी विजेताओं के खातों में नहीं पहुंची पुरस्कार राशि, खिलाड़ियों में नाराजगी

जगदलपुर। माओवादी हिंसा की समाप्ति और बस्तर की बदलती तस्वीर की खुुशी में आयोजित बस्तर हेरिटेज मैराथन के विजेता खिलाड़ी आयोजकों से नाराज हैं। पिछले माह 22 तारीख को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वाली बस्तर हेरिटेज मैराथन दौड़ हुई थी, जिसमें बस्तर और देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही विदेशी धावक भी शामिल हुए थे।

लगभग नौ हजार धावकों ने दौड़ लगाई थी। मैराथन को संपन्न हुए 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक विजेता धावकों के बैंक खातों में पुरस्कार राशि नहीं जमा कराई गई है। इस बात से धावक नाराज हैं।

टैक्स कटौती कर पुरस्कार राशि जमा करने की खबरें

वहीं अब टैक्स की कटौती कर पुरस्कार राशि जमा करने की तैयारी की खबरें सामने आने के बाद खिलाड़ी परेशान हैं। नईदुनिया को फोन कर कुछ धावकों ने बताया कि सोमवार को बस्तर हेरिटेज मैराथन के आयोजक जिला पंचायत जाकर अधिकारियों से वस्तुस्थित की जानकारी लेंगे।

बस्तर संभाग के सभी धावक एकत्र होने जा रहे हैं

इसके लिए विजेता सूची में शामिल बस्तर संभाग के सभी धावक एकत्र होने जा रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर जानकारी के लिए जिला पंंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

दो-तीन दिनों में पुरस्कार राशि खातोंं में जमा कर दी जाएगी

मैराथन दौड़ आयोजक मंडल में शामिल एक दो अन्य अधिकारियाें से संपर्क करने पर बताया गया कि अगले दो-तीन दिनों में पुरस्कार राशि धावकों के बैंक खातोंं में जमा कर दी जाएगी। सभी के बैंक खाता नंबर एकत्र कर लिए गए हैं। पुरस्कार राशि पर टैक्स कटौती को लेकर अधिकारियों का कहना है इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

अबूझमाड़ पीस मैराथन में तुरंत चेक मिल गया था

बस्तर हेरिटेज मैराथन के बस्तर केटेगरी के विजेता कोंंडागांव के संजय कोर्राम ने बताया कि मैराथन संपन्न हुए 14 दिन बीत गए हैं। बैंक खातों का विवरण भी 10 दिन पहले दिया जा चुका है। अभी तक खाते में पुरस्कार राशि नहीं पहुंची है। विजेता को डेढ़ लाख रुपये नकद राशि देने की घोषणा की गई थी।

अतिथियों से मिले प्रतीकात्मक चेक पर भी यही रकम अंकित थी। अब बताया जा रहा है कि 30 प्रतिशत राशि अर्थात 45 हजार रुपये टैक्स के रूप में कटौती कर खाते में शेष राशि (एक लाख पांच हजार रुपये) जमा कराई जाएगा। इसी केटेगरी की महिला वर्ग की विजेता बस्तर के मधोता की कुसुम शार्दुल ने भी डेढ़ लाख रुपये जीता है। उनका कहना है कि उन्हें भी टैक्स की कटौती की सूचना दी गई है।

कुसुुम ने सवाल उठाते हुए कहा कि 31 जनवरी 2026 को प्रदेश की प्रसिद्ध अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में वह तीसरे नंबर पर थीं और उस समय विजेताओं को पुरस्कार की पूरी राशि बिना टैक्स की कटौती किए उसी दिन दे दी गई थी।

बस्तर हेरिटेज मैराथन की पुरस्कार राशि में टैक्स कटौती का मामला कैसे आ गया यह धावक समझ नहीं पा रहे हैं। लोहंडीगुड़ा की प्रमिला ने कहा कि सोमवार को जिला पंचायत जाएंगे तो वस्तुस्थिति साफ होगी।

विदेशी खिलाड़ी चार दिन बाद लौटे थे

बस्तर के धावकों ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन के ओपन वर्ग के विजेता इथाेपिया और केन्या के खिलाड़ी पुरस्कार के लिए चार दिन तक बादल संस्था आसना में ठहरे थे। बाद में बैंक खाता नंबर देकर लौटे हैं।